बच्चों को बनाये गुणवान, चरित्रवान…देवव्रत जी महराज
चिल्ड्रेन पैराडाइज स्कूल मे एक दिवसीय संस्कारशाला का आयोजन

बच्चों को बनाएं चरित्रवान व गुणवान-आचार्य देवव्रत जी
चिल्ड्रेन पैराडाइज स्कूल लालगंज में व्याख्यान देते आचार्य देवव्रत महराज
लालगंज, प्रतापगढ़। नगर स्थित चिल्डेªन पैराडाइज स्कूल में आयोजित संस्कारशाला में सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य देवव्रत महराज शामिल हुए। कार्यक्रम में छात्र छात्राओं को संस्कारित शिक्षा पर व्याख्यान देते हुए कथावाचक आचार्य देवव्रत जी ने कहा कि बच्चों को विद्या ज्ञान दिया जाना चाहिए न कि शिक्षा ज्ञान। उन्होने बताया कि विद्या ज्ञान से विद्यार्थी चरित्रवान व गुणवान बनने के साथ ही जीवन में आने वाली कठिनाईयों का सामना करने का ज्ञान व कला भी अर्जित करते हैं। इसके साथ ही समाज की सुरक्षा व व्यवस्था का ज्ञान भी उन्हें मिलता है। जबकि शिक्षा छात्र छात्राओं को आर्थिक रूप से मजबूत होने की व्यवस्था का ज्ञान तो देता है किंतु संस्कार का ज्ञान मजबूत नही कर पाता। उन्होंने छात्र छात्राओं को अपने व्याख्यान एवं प्रवचन के दौरान कहा कि सभी विद्यालयों में गुरु शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ऐसी शिक्षा का माहौल देना चाहिए जहां भावी पीढ़ी गुरु शिष्य परंपरा का अनुपालन करें। उन्होंने कहा की आज के बदलते परिवेश में शिक्षा में संस्कार का ज्ञान दिया जाना गुरुओं का प्रथम कर्तव्य होना चाहिये। आचार्य ने हनुमान जी के चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा के पाठ से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। संस्कारशाला का आयोजन विद्यालय के प्रधानाचार्य आदर्श मिश्रा ने किया। संचालन उप प्रधानाचार्य भारत भूषण ओझा ने किया। संस्कार शाला का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। बच्चों द्वारा विद्यालय परिसर में पधारे कथावाचक देवव्रत जी महाराज का स्वागत किया गया। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक विकास मिश्र, अनूप मिश्रा, विनीत शुक्ला, आलोक तिवारी, अभिषेक मिश्र, राजेंद्र मिश्र, सरिता पाण्डेय, आदि मौजूद रहे।

